Saturday, December 23, 2017

Lakshagraha Of Khallari - Bhimkhoj (महाभारत कालीन लाक्षागृह के दर्शन खल्लारी मे करे। ..)

लाक्षागृह के दर्शन:-

ऐसा कहा जाता है की पाण्डव  पुत्र व  माता कुंती वारणाव्रत के समय यहाँ पर आये थे तभी मामा  सकुनी ने इस स्थान पर पांडवो को मारने  के लिए लाख से निर्मित एक महल का निर्माण यही खल्वाटिका में करवाया था  उसके अवशेष अभी भी यहाँ देखा सकते है तथा भीम पाँव , भीम चूल  के दर्शन किया जा साकता  है | यह एक पौराणिक स्थल है | 
khallari mandir
खल्लारी माता पहाड़ी ऊपर वाली 

khallari temple
खल्लारी मंदिर -प्रवेश द्वार 

maa khallari bhimkhoj,mahasamund
खल्लारी माता निचे वाली 

bhim in khallari
भीम पाव ,भीम चूल 

khallari bagbahra
डोंगा पत्थर 

Sunday, October 8, 2017

Valmiki Ashram Turturiya,Lavan,Kasdol- Balodabazar-Chhattisgarh

     तुरतुरिया -महर्षि वाल्मीकि आश्रम व लव - कुश की जन्म भूमी

तुरतुरिया मे वाल्मीकी आश्रम के बाई ओर छोटी छोटी दूकानो  के पास से गुजरते हुवे एक नाला को पार करके मातागढ नामक स्थान पहुचा जाता है। मातागढ उचि पहाडि पर स्थीत है। चारो तरफ विषाल वृक्ष बडे-बडे चट्टानो से घिरा हूवा है। पहूचने के लिये सिढी बनी  हूई है। मातागढ से पहले कुछ टुटी फुटि कुटिया दिखाई देति है जिसमे भगवान राम व बुद्ध कि खन्डीत प्रतिमा है। कहते है। कि यहि पर माता सिता कि कुटिया हूवा करती थी। और निचे महर्षि वालमिकी का आश्रम।
turturiya Valmiki ashram
लव कुश 

मातागढ मंदिर मे माता सिता माता काली कि मूर्तिया विराजमान है। यहा नवरात्री मे मनोकमना ज्योति जलायी जाति हैै। 
Valmiki Ashram Turturiya,Lavan,Kasdol- Balodabazar-Chhattisgarh
तुरतुरिया - गोमुख

यहि पर से झरणे कि कलकल कि ध्वनि सुनाई देति है। झरना जो थोडि आगे पर्वत से निचे पर स्थीत है। उसे पार करके  पर्वत कि उचि चोटि पर एक गुफा है।जिसे सेर गुफा (बघवा माडा) भी कहा जाता है। गुफा काफि विषाल है। ईस गुफा के अंदर 100 लोग आराम से घुस सकते है। यदि उस गुफा पर वर्षा हूई तो किसी पर एक भी बुद जल नहि पडेगि ईतना विषाल गुफा है। इस गुफा मे नवरात्री मे मनोकामना ज्योति जलाई जाति है।
turturiya-shivling
शिवलिंग 

Turturiya in Chhattisgarh
भगवान विष्णु की प्रतिमा 

valmiki in Turturiya
विष्णु प्रतिमा 

प्राचीन शिवलिंग 

mata gad Turturiya
माता गढ़ 

baghwa mada Turturiya
बघवा माडा 

तुरतुरिया एक ऐतिहासिक स्थल है। मगर वह अपनी प्राचिनता व विराषत को खोति नजर आ रहि हैै।
इन्हे भी देखे :-